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राष्ट्रबोध रोजगार : सरकार और बैंक की मदद से स्वरोजगार का बेहतरीन मौका, जानिए एमएसएमई क्या है और उसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया….!!

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के द्वारा एमएसएमई उद्योगों के लिए कुछ नियम बनाये गए है. देश में मौजूद जो भी सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों से सम्बंधित नियम, विनियम और कानून है तथा आवश्यकता होने पर नए कानूनों के निर्माण के लिए यह मंत्रालय सर्वोच्च निकाय या संस्था है. हर देश की आर्थिक मजबूती, उम्मीद और व्यवसाय युवा उद्यमी पर ज्यादा रहती है. भारत सरकार छोटे- बड़े व्यापारिक संगठनों को उनके व्यापार में कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े, इस बात का ध्यान रखते हुए उन्हें एमएसएमई में आसानी से पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करती है !

एमएसएमई, निवेश के लिए छोटे आकार की एक संस्था है, जिसमे कुशल और अकुशल व्यापारी हो सकते है. जो बड़ी संख्या में बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करके भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपनी अच्छी भूमिका निभाते है. ये निर्यात के क्षेत्र में योगदान, निर्माण क्षेत्र को बढ़ाना और कच्चे माल, बुनियादी सामान आपूर्ति के द्वारा बड़े उद्योगों को समर्थन प्रदान करते है. भारत सरकार एमएसएमईडी अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत कंपनियों या व्यापार के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देती है.

भारत में एमएसएमई का महत्व (Importance of MSME in India)

  • भारत की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई का कुल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निर्यात में 45% हिस्सा है. केन्द्रीय या राज्य सरकार और बैंकिंग एमएसएमई अधिनियम के तहत लाभ को प्राप्त करने के लिए एमएसएमई पंजीकरण आवश्यक है.
  •  इसके तहत व्यापार में आपको ब्याज की कम दर, उत्पाद शुल्क में छूट, योजना कर सब्सिडी और अन्य कई तरह के लाभ उपलब्ध होंगे. यह एक वैकल्पिक पंजीकरण है, लेकिन छूट को प्राप्त करने के लिए आपको उद्योग आधार पंजीकरण कराना आवश्यक है.
  •  किसी भी प्रकार के उद्योग जैसे कि एकल स्वामित्व वाली, भागीदारी या अन्य प्रकार के व्यवसाय के लिए आप एमएसएमई का प्रमाण प्राप्त कर सकते है.

एमएसएमई के प्रकार (Types of MSME  )

एमएसएमई  सूक्ष्म, छोटे और मध्यम  इन तीनों श्रेणियों के उद्योगों में से किसी भी इंटरप्राइज के अंतर्गत आता है. एमएसएमई उद्योग किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है. यह सभी के लिए समान विकास और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक इंजन की तरह कार्य करती है. एमएसएमई को व्यापार में लगने वाले छोटे-बड़े मशीनरी संयंत्र की खरीद में किये गए पूंजी निवेश के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग अधिनियम 2006 सिर्फ उन उद्योगों पर ही लागू होता है, जो विनिर्माण क्षेत्र में काम कर रहे है और सेवा क्षेत्र की कंपनियों के लिए उपकरण का निवेश कर रहे है अर्थात सेवा क्षेत्र में काम कर रहे है. तीनों श्रेणी के एमएसएमई उद्योग का वर्णन निम्नलिखित है:-

  • माइक्रो या सूक्ष्म उद्योग : सूक्ष्म उद्योग सबसे छोटी संस्था है. इस विनिर्माण व्यापार के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी में कम से कम 25 लाख तक का निवेश कर सकते है और सेवा व्यापार में अधिक से अधिक 10 लाख रूपये तक का ही निवेश कर सकते है. जैसे गुड बनाने का व्यापार.
  • लघु उद्योग : इसके अंतर्गत छोटे विनिर्माण उद्योग के लिए संयत्र और मशीनरी में 25 लाख से 5 करोड़ तक का निवेश कर सकते है, और सेवा उद्यमों में निवेश की सीमा 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक की है.
  • मध्यम उद्योग : मध्यम विनिर्माण उद्योग के लिए संयत्र और मशीनरी में 5 करोड़ से 10 करोड़ रूपये तक का निवेश कर सकते है और सेवा उद्यमों के लिए इसकी सीमा 2 करोड़ से 5 करोड़ तक की है.

एमएसएमई में उद्योग का पंजीकरण होने से मिलने वाले लाभ (Profit of MSME RegistrationCertificate)

  • बैंको से लाभ : सभी बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान एमएसएमई को पहचानते है इसलिए आपको अपनेव्यवसाय के लिए ऋण स्वीकृति कम ब्याज दर पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है. एमएसएमई को दी गयी ऋण पर ब्याज की दर सामान्य व्यापार की ब्याज दर की तुलना में 1-1.5 प्रतिशत कम होते है.
  • राज्य सरकार द्वारा छूट : ज्यादातर राज्य उन लोगों को बिजली, कर और औद्योगिक सब्सिडी प्रदान करती है, जिन्होंने अपने व्यापार को एमएसएमईडी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किया है. उन्हें राज्य द्वारा विशेष रूप से बिक्री कर में छूट मिलती है.
  • कर लाभ : व्यवसाय के आधार पर एमएसएमई में पंजीकृत होने के बाद एक्साईज छूट योजना का लाभ ले सकते है, व्यवसाय के प्रारंभिक वर्ष में कुछ प्रत्यक्ष करों से भी छूट मिलती है, सरकार के द्वारा व्यवसाय को स्थापित करने में व्यापारियों को कई प्रकार की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें लाभ की प्राप्ति होती है.
  • केंद्र और राज्य की सरकार से अनुमोदन : एमएसएमई में पंजीकृत व्यवसाय को सरकारी लाईसेंस और प्रमाणीकरण जल्द और आसानी से मिल जाते है. कई ऐसी सरकारी निविदाएं या टेंडर है जो कि भारत में लघु व्यवसाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अर्थात केवल एमएसएमई के लिए ही खुली है.

एमएसएमई पंजीकरण में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज (MSME RegistrationRequirements Documents)

  • पैन कार्ड की प्रतिलिपि या ज़ेरॉक्स
  • आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि इनमे से कोई एक पहचान प्रमाणपत्र के रूप में आपके पास मौजूद होने आवश्यक है.
  • पासपोर्ट आकार की तस्वीर

अन्य दस्तावेज (Other Documents)

  • अगर आप किराये की संपत्ति पर उद्योग करते है तो किराया समझौता का दस्तावेज
  • स्वामित्व वाली सम्पत्ति के लिए सौदे का दस्तावेज़ या सम्पत्ति का दस्तावेज़
  • एफिडेविट अर्थात शपथपत्र
  • घोषणा दस्तावेज
  • एनओसी
  • साक्षी के रूप में दो व्यक्ति

एमएसएमई में पंजीकरण का तरीका (Process of MSME Registration in hindi)

एमएसएमई में पंजीकरण आप ऑफ़ लाइन और ऑनलाइन दोनों ही माध्यम से कर सकते है.

ऑफ़ लाइन पंजीकरण (MSME Registration Offline)

  • सबसे पहले जिस विभाग के लिए आप उद्योग शुरू कर रहे है, उसके साथ एक आवेदन पत्र में जो आपकी बुनियादी सूचना है उसे भरे, उसके बाद संबंधित दस्तावेज के साथ एमएसएमई ऑफिस में पंजीकृत करा लें.
  • आवेदन और दस्तावेज़ को जमा करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सारे दस्तावेज को प्रमाणित करा ले, उसके बाद आवेदन को जमा कर दे, आप आवेदन को जिस भी जिले में अपना व्यवसाय शुरू कर रहे है वहां के जिला उद्योग केंद्र में जाकर जमा कर सकते है.
  • इसके बाद विभाग के द्वारा, आपके आवेदन को आपके दस्तावेज़ के साथ एमएसएमई रजिस्ट्रार के पास फाइल किया जायेगा, फिर विशेषज्ञ उसका सत्यापन करेंगे. सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकृत हो जाने के बाद आपको एमएसएमई प्रमाण पत्र जारी कर दिया जायेगा और आपको कोरियर और इमेल के माध्यम से सूचित कर दिया जायेगा.

ऑनलाइन पंजीकरण (MSME Registration Online)

  • ऑनलाइन पंजीकरण के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किये गए पोर्टल या लिंक http://udyogaadhaar.gov.in/UA/UAM_Registration.aspx पर जाकर दिए गए निर्देश के अनुसार आधार संख्या, मालिक का नाम इत्यादि को भरने के बाद आवेदन जमा कर दे.
  • उसके बाद आपके पंजीकृत नम्बर या इमेल पर एक ओटीपी अर्थात यूनिक नम्बर आएगा, जिसे आपको आवेदन में डालना होगा और नीचे दिए गए कैप्चा को आवेदन में डालकर इसे जमा कर दें.
  • जब आप एमएसएमई उद्योग शुरू करते है तब आपको एक अंतिम पंजीकरण के लिए आवेदन करना होता है, जिसके बाद आपको अंतिम एमएसएमई प्रमाणपत्र दिया जाता है. उत्पादन शुरू होने के बाद आप स्थायी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते है.

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