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छत्तीसगढ़ : पाठ्य पुस्तक निगम ने 11 वीं की पुस्तकों के दाम 80 फीसदी तक बढ़ा दिए….!!

रायपुर /राकेश डेंगवानी – स्कूलों की फीस, बच्चों की ड्रेस के बाद पालकों को एक और झटका लगा है ! छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम ने 11वीं की पुस्तकों के दाम 75 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं, जबकि नेशनल काउंसिल ऑफ रिसर्च एजुकेशनलएंडट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी इन पुस्तकों को पुरानी कीमत पर बेच रही है. विक्रेताओं का कहना है कि कीमत बढ़ाने का औचित्य समझ से परे है, जबकि न कागज की कीमत बढ़ी है, न स्याही की !पाठ्य पुस्तक निगम ने 12 जून को एक सर्कुलर निकाल कर यह जानकारी दी है कि किन-किन पुस्तकों की कीमत वह बढ़ा चुका है. साथ ही यह ताकिद की है कि पुरानी कीमत की पुस्तकों पर नई कीमत की पर्ची लगा कर बेची जाए. इस मूल्य वृद्धि पर पुस्तक विक्रेताओं ने हैरानी व्यक्त की है. निगम सूत्रों ने बताया कि पिछले दो सालों से छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का एनसीईआरटी से समझौता था कि वह छत्तीसगढ़ में 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए उनकी दर पर पुस्तक छाप कर बेचेगा ! इस पर अमल भी हुआ लेकिन इस साल इनकी कीमत बढ़ाने का फरमान जारी कर दिया गया !

किसे हो रहा फायदा?- 

निगम के कुछ जानकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले दो सालों से निगम एनसीईआरटी के साथ मिलकर इसी कीमत पर पुस्तकें बेच रही थी. अब अचानक । इतनी ज्यादा कीमत बढ़ाने की वजह कुछ लोगों को फायदा पहुंचाना हो सकता है. यह सीधे-सीधे पालकों पर बोझ है. इसका असर कांग्रेस सरकार पर भी पड़ सकता है !

निगम की तानाशाही है: बल्लेवार – छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष, कांग्रेस नेता व रायपुर पुस्तक विक्रेता संघ के अध्यक्ष दीपक बल्लेवार का कहना है कि कीमत में इतना ज्यादा इजाफा पाठ्य पुस्तक निगम की तानाशाही है. 11वीं और 12वीं में ज्यादा चलने वाली हिन्दी और अंग्रेजी की पुस्तकों पर बहुत ज्यादा कीमत रखी गई है. पालकों पर क्यों बोझ लादा गया समझ से परे है. उन्होंने भी खुद निगम से इसके बारे में पूछताछ की है !

लागत ज्यादा, इसलिए दाम बढ़ाए: महाप्रबंधक- पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी से जब इस संवाददाता ने इसकी वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि निगम को पिछले साल 11वीं और 12वीं की पुस्तकें छापने पर 90 लाख रुपए का नुकसान हुआ था. एनसीईआरटी से इस साल राज्य सरकारने समझौता नहीं किया है, हालांकि यह प्रस्ताव राज्य सरकार के पास है. 30 रुपए कीजो पुस्तक पर है उस पर लागत करीब-करीब 50 रुपए आ रही है !

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